नौ वर्षों से नहीं हुई जेटेट, 4.40 लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा का इंतजार

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झारखंड : राज्य में नौ वर्षों से शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नहीं होने से शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति की उम्र प्रभावित हो रही है। वर्ष 2016 में अंतिम जेटेट के बाद प्रशिक्षित कई अभ्यर्थी अब 35-36 वर्ष के हो चुके हैं। राज्य में शिक्षक नियुक्तियां औसतन छह वर्ष के अंतराल पर हुई हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम उम्र 40 और पिछड़ा वर्ग के लिए 42 वर्ष है। ऐसे में कई अभ्यर्थियों के अगली नियुक्ति तक उम्र सीमा पार करने का खतरा है। राज्य में प्रति वर्ष करीब 15 हजार अभ्यर्थी शिक्षक प्रशिक्षण और बीएड पूरा करते हैं। वर्ष 2016 से 2019 के बीच करीब 60 हजार अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण लिया, जिनमें 35-40 हजार की नियुक्ति उम्र के कारण प्रभावित हो सकती है। प्रति माह औसतन 800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की उम्र गुजरने की बात कही गई है।

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सरकारी और निजी विद्यालयों में 1 से 8 कक्षा तक शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। जेटेट नहीं होने से प्रशिक्षित अभ्यर्थी नियुक्ति की पात्रता हासिल नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, सरकार शिक्षक नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट देती है। झारखंड हाइकोर्ट ने 31 मार्च 2026 तक जेटेट कराने का आदेश दिया था, लेकिन परीक्षा नहीं हो सकी। करीब 4.40 लाख अभ्यर्थी इसका इंतजार कर रहे हैं।

जैक ने पहले 11 अक्तूबर को परीक्षा की जानकारी दी थी, लेकिन यह तारीख टल गई और नई तिथि आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है। हालांकि, जैक ने कोर्ट को 1 नवंबर 2026 को परीक्षा लेने की बात कही है। वर्ष 2012 से अब तक झारखंड में सिर्फ दो जेटेट हुई हैं, जबकि इसी अवधि में सीबीएसइ 21 CTET करा चुका है और 22वीं की तारीख भी घोषित कर चुका है। वहीं, उत्तराखंड में इस दौरान 12 और छत्तीसगढ़ में अब तक 7 शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई हैं।

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