MMDR संशोधन विधेयक के खिलाफ JMM का जनजागरण अभियान तेज, गांव-टोला तक पहुंचेगी जानकारी

पोटका : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने MMDR यानी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के खिलाफ जनजागरण अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को पोटका प्रखंड के उदाल गांव में विधायक संजीव सरदार ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर विधेयक में किए गए संशोधनों और इसके संभावित प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की। संजीव सरदार ने कहा कि JMM केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर गांव, टोला और मोहल्ले में जाकर लोगों को MMDR संशोधन विधेयक की जानकारी देगा।

विधायक ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनिज से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आशंका जताई कि संशोधन के कारण राज्य के अधिकार और राजस्व प्रभावित हुए तो इसका असर विकास योजनाओं और आम लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने झारखंड के केंद्र पर करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि राज्य के राजस्व अधिकार कमजोर होने से भविष्य में आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। संजीव सरदार ने कहा कि राज्य के आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी योजनाओं में होता है और राज्य की आय प्रभावित होने पर इन योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
विधायक ने महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि पेट्रोल-डीजल तथा खाद्य पदार्थों समेत रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग पहले से परेशान है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के संघर्ष से रही है। जनजागरण अभियान के जरिए पहले ग्रामीणों को विधेयक की जानकारी दी जाएगी और इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की और कहा कि जरूरत पड़ने पर झारखंड के लोग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।


