राजस्व लक्ष्य से 6% पीछे झारखंड, वित्त मंत्री ने केंद्र की नीतियों से 22 हजार करोड़ नुकसान का लगाया आरोप

रांची : झारखंड सरकार फिलहाल अपने कुल राजस्व लक्ष्य का करीब 36 प्रतिशत संग्रह कर पायी है और निर्धारित लक्ष्य से लगभग 6% पीछे चल रही है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि नवंबर में होने वाली अगली समीक्षा तक लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह करने का प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व कैलेंडर के अनुसार लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड को सालाना करीब 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, जी राम जी योजना से करीब 4 हजार करोड़ रुपये, MMDR Amendment Bill से करीब 14 हजार करोड़ रुपये और GST Rationalisation से करीब 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र से अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के बावजूद राज्य अपनी योजनाओं और वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में सक्षम है।
राजस्व बढ़ाने के लिए फर्जी GST रजिस्ट्रेशन, GST चोरी और अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, स्टेट ऑन टैक्स रेवेन्यू और नॉन ऑन-टैक्स रेवेन्यू को मिलाकर करीब 60 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य है, जबकि सरकार राजस्व संग्रह को बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये तक ले जाना चाहती है।


