24 घंटे में माफी मांगें जयराम महतो, नहीं तो आंदोलन; पुलिस एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

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धनबाद : डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच कथित फोन बातचीत को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर माफी नहीं मांगी गई और मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर से अनुमति लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर जिले के पुलिस अधिकारी और कर्मी कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठा सकते हैं।

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मामला बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित गाली-गलौज और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल से जुड़ा है। पुलिस संगठनों के अनुसार 21 अगस्त की रात विधायक और थाना प्रभारी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। आरोप है कि इस दौरान थाना प्रभारी के साथ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और पुलिस पदाधिकारियों को लेकर कथित धमकी भरी बातें भी कही गईं। इस बातचीत से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। हालांकि वायरल ऑडियो में कही गई बातों और उसके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं और किसी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस पदाधिकारी के साथ अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पुलिस अधिकारियों और जवानों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी की ओर से भी मामले को लेकर पुलिस एसोसिएशन के राज्य नेतृत्व को लिखित शिकायत भेजे जाने की बात सामने आई है।

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इधर विवाद केवल माफी की मांग तक सीमित नहीं है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और 40 से 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। प्राथमिकी में गाली-गलौज, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा तथा थाने में हुए घटनाक्रम से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। यह पूरा विवाद उस मामले के बाद शुरू हुआ, जिसमें फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र और वंशावली तैयार करने के आरोपी गणेश दास को पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे।

पुलिस संगठनों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और पुलिस के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद संवैधानिक और मर्यादित तरीके से होना चाहिए। एसोसिएशन ने विधायक से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि समय सीमा पूरी होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। दूसरी ओर जयराम महतो की ओर से इस विवाद में सामने आए ऑडियो को लेकर सवाल उठाए गए हैं और एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इसे एडिटेड बताए जाने का दावा किया है। ऐसे में वायरल ऑडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।

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