ISC 12वीं परीक्षा 2027 के नियम बदले, अब सभी विषयों में पास होना अनिवार्य

जमशेदपुर : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (सीआइएससीइ) ने आइएससी (12वीं) परीक्षा 2027 के लिए उत्तीर्ण होने के नियमों में बदलाव किया है। नयी व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को कम से कम पांच विषयों में पास होना अनिवार्य होगा। अब तक इंग्लिश प्लस बेस्ट थ्री के आधार पर परिणाम तैयार किया जाता था। इसमें अंग्रेजी के साथ सबसे अधिक अंक वाले तीन अन्य विषयों को जोड़कर प्रतिशत निकाला जाता था। लेकिन अब विद्यार्थियों को अंग्रेजी सहित सभी चुने गये विषयों में उत्तीर्ण होना होगा। यदि किसी विद्यार्थी ने छठा विषय भी लिया है, तो उसमें भी पास करना जरूरी होगा।
बोर्ड के नये नियमों के अनुसार, विद्यार्थियों को अंग्रेजी/मॉडर्न इंग्लिश के साथ चार या पांच वैकल्पिक विषय लेने होंगे। पहले तीन, चार या पांच वैकल्पिक विषय चुनने की सुविधा थी। इसके अलावा स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के तहत एसयूपीडब्ल्यू और कम्युनिटी सर्विस में भी पास ग्रेड हासिल करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने अकाउंट्स (858) विषय का नाम बदलकर अकाउंटेंसी (858) कर दिया है। साथ ही आइसीएसइ और आइएससी परीक्षा 2027 के लिए रेगुलेशन और सिलेबस जारी करने की जानकारी भी दी गयी है।
इन बदलावों की घोषणा सीआइएससीइ बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव सह सेक्रेट्री डॉ जोसेफ इमैनुअल ने की। बोकारो में आयोजित दो दिवसीय सीआइएससीइ बिहार-झारखंड क्षेत्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन हुआ। सम्मेलन में परीक्षा नियमों में बदलाव और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों पर चर्चा की गयी। इसमें बिहार और झारखंड के 140 स्कूलों के प्रिंसिपलों ने भाग लिया, जिनमें जमशेदपुर के 45 स्कूलों के प्रिंसिपल भी शामिल थे।



