असम की पहली महिला CoBRA IG बनीं IPS संजुक्ता पराशर, उग्रवाद विरोधी अभियानों का लंबा अनुभव

असम : असम कैडर की आईपीएस अधिकारी संजुक्ता पराशर को पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों और साहसिक कार्रवाइयों के लिए जाना जाता है। वर्ष 2013-14 में जब वे असम के अति-संवेदनशील शोणितपुर जिले की एसपी थीं, तब उन्होंने बोडो उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान 47 राष्ट्रविरोधी तत्वों को पकड़ने और 16 उग्रवादियों को मार गिराने का जिक्र है। उन्हें 160 से अधिक संदिग्धों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने का श्रेय भी दिया गया है।


संजुक्ता पराशर वर्ष 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में परास्नातक एवं एमफिल की डिग्री हासिल की। वर्ष 2006 में सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के बजाय भारतीय पुलिस सेवा को चुना। CoBRA की कमान संभालने से पहले वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात थीं, जहां उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों और आतंकवाद विरोधी नेटवर्क की जांच का नेतृत्व किया।
अब संजुक्ता पराशर को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सबसे अत्यधिक विशिष्ट और घातक जंगल-वारफेयर यूनिट ‘कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन’ (CoBRA) की कमान संभालने वाली पहली महिला महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। CoBRA का गठन वर्ष 2008 में माओवादियों और उग्रवादियों से लड़ने के लिए किया गया था। इसकी 10 बटालियन हैं, जिनके जवान छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में तैनात हैं। जंगलों और दुर्गम इलाकों में लड़ने वाली इस यूनिट के जवान IED की पहचान व निष्क्रिय करने, सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई और नजदीकी युद्ध कौशल में प्रशिक्षित होते हैं।


