अमेरिका में प्रतिष्ठित शॉ पुरस्कार 2024 से सम्मानित किए जाएंगे भारतवंशी वैज्ञानिक, खगोली विज्ञान के क्षेत्र में दिया है अभूतपूर्व योगदान…

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लोक आलोक न्यूज सेंट्रल डेस्क :- अमेरिका में खगोल विज्ञान के भारतवंशी प्रोफेसर श्रीनिवास आर कुलकर्णी को खगोल विज्ञान में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए प्रतिष्ठित शॉ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मिलीसेकंड पल्सर गामा-किरण विस्फोट सुपरनोवा और अन्य परिवर्तनीय या क्षणिक खगोलीय पिंडों की खोज के लिए जाना जाता है। यह सम्मान आगामी 12 नवंबर को हांगकांग में आयोजित समारोह में प्रोफेसर कुलकर्णी को दिया जाएगा।

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अमेरिका में खगोल विज्ञान के भारतवंशी प्रोफेसर श्रीनिवास आर कुलकर्णी को खगोल विज्ञान में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए प्रतिष्ठित शॉ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

उन्हें मिलीसेकंड पल्सर, गामा-किरण विस्फोट, सुपरनोवा और अन्य परिवर्तनीय या क्षणिक खगोलीय पिंडों की खोज के लिए जाना जाता है। यह सम्मान आगामी 12 नवंबर को हांगकांग में आयोजित समारोह में प्रोफेसर कुलकर्णी को दिया जाएगा।

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष खगोल विज्ञान, जीव विज्ञान और चिकित्सा और गणितीय विज्ञान श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इसके तहत 12 लाख डॉलर नकद प्रदान किए जाते हैं।

जार्ज ऐल हेल खगोल विज्ञान व ग्रह विज्ञान के प्रोफेसर है

शॉ पुरस्कार फाउंडेशन ने मंगलवार को बताया कि खगोल विज्ञान में उनके योगदान ने काफी परिवर्तन और लोगों में समझ पैदा की है। कुलकर्णी कैलिफार्निया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी में भौतिकी, गणित और खगोल विज्ञान विभाग के जार्ज ऐल हेल खगोल विज्ञान व ग्रह विज्ञान के प्रोफेसर है।

कुलकर्णी के अलावा अमेरिका के स्वी ले थीन और स्टुअर्ट आर्किन को जीव विज्ञान व चिकित्सा में संयुक्त रूप से और पीटर सरनाक को गणितीय विज्ञान श्रेणी में शॉ पुरस्कार से सम्मान किया जाएगा।

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