कांकू गांव में अवैध भैंसा लड़ाई पर प्रशासन की कार्रवाई, पहुंचते ही खाली हुआ मैदान

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पटमदा : जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद गुरुवार सुबह करीब 8 बजे कमलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कांकू गांव में प्रतिबंधित भैंसा (कांड़ा) लड़ाई का आयोजन किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि एक जोड़ी की लड़ाई समाप्त हो चुकी थी और दूसरी जोड़ी को मैदान में उतारने की तैयारी चल रही थी।

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गुप्त सूचना के आधार पर सुबह लगभग साढ़े 10 बजे पटमदा के अंचलाधिकारी (सीओ) डॉ. राजेंद्र कुमार दास मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही मैदान में अफरा-तफरी मच गई। आयोजन समिति से जुड़े लोग इधर-उधर भागने लगे और दर्शकों की भीड़ भी तितर-बितर हो गई। देखते ही देखते पूरा मैदान खाली हो गया।

मैदान से थोड़ी दूरी पर बंधे भैंसों को भी अंचलाधिकारी के निर्देश पर पशुपालकों ने तुरंत अपने-अपने घर वापस ले गए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित अनहोनी टल गई।

जानकारी के अनुसार यह मैदान पश्चिम बंगाल सीमा से सटा हुआ है और कुछ दूरी पर ही राज्य की सीमा लगती है। बताया जा रहा है कि सुबह 8 बजे कमलपुर थाना प्रभारी को इसकी सूचना दे दी गई थी, लेकिन समय पर पर्याप्त बल उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा पशु क्रूरता रोकने और अवैध पशु लड़ाइयों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन की घटनाएं सामने आती रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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