खो जाता हूं उन्हीं गलियों में अक्सर, अभी-अभी सन्नाटे की नींद टूटी है- आर्यन त्रिपाठी

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उत्तरप्रदेश / सुल्तानपुर:- जनपद सुल्तानपुर पूरे प्रदेश का एक ऐसा जनपद है जहां पर प्रतिभाओं की कमी कभी रहती ही नहीं है, चाहे वह किसी क्षेत्र की प्रतिभा हो।
आइए हम बात करते हैं सुल्तानपुर के उभरते हुए युवा कवि, लेखक, शायर एवं गीतकार आर्यन त्रिपाठी की। मात्र चौदह वर्ष की आयु में उन्होंने स्कूली शिक्षा के साथ-साथ लेखन क्रिया भी प्रारंभ कर दिया। बीते दो वर्षों में जहां बच्चे कोरोना संकट के कारण घर में छुट्टियां मना रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ इन्होंने कई कविताएं और दर्जनों गीत लिखे। वर्तमान समय में आर्यन त्रिपाठी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र हैं। गांधीवादी विचारधारा के साथ-साथ सादा जीवन उच्च विचार को अपने जीवन का मूल मंत्र मानने वाले अपने बाबा श्री राधेश्याम तिवारी जी ही उनके जीवन के एक अच्छे मार्गदर्शक हैं। विदित हो कि आर्यन त्रिपाठी के लेखन का उनके विद्यालय के शिक्षक एवं जनपदवासी काफी तारीफ भी कर चुके हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने अपने कविता की चंद लाइनें भी प्रस्तुत की हैं-।। खो जाता हूं उन्हीं गलियों में अक्सर, अभी-अभी सन्नाटे की नींद टूटी है।। साथ- साथ उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का अगर ऐसे आशीर्वाद मिलता रहा तो जल्दी ही एक अलग मुकाम पर रहूंगा।

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