130 नये विद्यार्थियों के सामने हॉस्टल संकट, 91 कमरों पर सीनियर और पासआउट डॉक्टरों का कब्जा

जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नये सत्र में दाखिला लेने वाले करीब 130 छात्र-छात्राओं को अब तक हॉस्टल के कमरे आवंटित नहीं किये जा सके हैं। इसके कारण नये विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, फिलहाल छात्राओं को एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बने प्रोफेसर फ्लैट में रखा गया है, जबकि छात्रों के रहने की व्यवस्था पीजी हॉस्टल में की गयी है। स्थायी हॉस्टल उपलब्ध होने तक यही व्यवस्था जारी रहेगी।


साकची स्थित डॉक्टर्स हॉस्टल की दो यूनिट में करीब 91 कमरों पर सीनियर और पासआउट डॉक्टरों का कब्जा है। अस्पताल प्रबंधन इन कमरों को खाली कराने के लिए दो बार नोटिस जारी कर चुका है। पहले नोटिस के बाद कमरे खाली नहीं हुए, जबकि दूसरी बार तीन दिन का समय दिये जाने के बावजूद कोई खास असर नहीं पड़ा। कॉलेज परिसर में कुछ सीनियर डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था होने के बावजूद साकची स्थित हॉस्टल खाली नहीं किये गये हैं।
हॉस्टल खाली कराने के लिए एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने एसडीओ से बातचीत कर मदद मांगी है। एसडीओ ने इस संबंध में लिखित आवेदन देने को कहा है, ताकि अवैध रूप से कब्जे में लिये गये कमरों को खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। दूसरी ओर, पुराने हॉस्टल में मरम्मत का काम भी चल रहा है। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। मरम्मत के बाद नये विद्यार्थियों को इन हॉस्टलों में रखने की योजना है।


