कोरोना सेकंड वेव पीक पर गायब रहे नगर निगम के माननीय, अब जब पार्टी हाईकमान का मिला आदेश तो प्रगट भए दीन दयाला

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आदित्यपुर :- सवा दो लाख से भी अधिक जनसंख्या वाले आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की स्थिति क्या है यह किसी से छिपी नहीं है ,कोराना काल के दौरान कई करोड़ों की योजनाओं को समय से पूरा नहीं किया जा सका, तो वही योजनाओं के नाम पर सभी वार्डों में सड़कों को खोदकर छोड़े जाने का नतीजा चक्रवाती यास तूफान के जाने के बाद देखने को मिला, जहां सभी वार्डों में दलदल और कीचड़ के कारण सड़कों पर आम लोगों का चलना दूभर हो गया, कई वार्ड में तो ऐसी स्थिति बनी की चार पहिया वाहन तो दूर पैदल ही जाना मुनासिब नहीं था ,ऐसे में कोरोना काल में यदि किसी को आपातकाल में अस्पताल जाने की जरूरत पड़ती तो शायद नगर निगम के विकास के इन योजनाओं की वह निश्चित तौर पर भेंट तो चढ़ ही जाता।

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लाखों के आबादी वाले इस निगम क्षेत्र की जनता अपने माननीय जनप्रतिनिधि की राह ताकती रह गई लेकिन निगम के माननीय कोरोना दूसरे लहर के जबरदस्त प्रकोप के बीच भूमिगत हो चले थे ,अब जब केंद्रीय हाईकमान द्वारा पार्टी के 7 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मुद्दा आया तो दूज के चांद बने यह माननीय अचानक मानो धरती का सीना चीर कर प्रकट हो गए हैं , विगत 2 दिनों से ये माननीय कहीं रक्तदान शिविर में नजर आए तो कहीं सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंदों में मास्क और भोजन बांटते दिखे, तो वही कोई अपने आवास पर जरूरतमंदों को सामग्री देता दिखा , अब इस बात से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन माननीयों को वोट की राजनीति करने का जबरदस्त अनुभव प्राप्त है। निगम क्षेत्र में इन माननीयों को जो काम करने चाहिए वह निजी संस्था और क्लब के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिनसे इन माननीयों को कोई कोई सरोकार नहीं है ,अब जब परिस्थितियां सामान हो रही है तो महानुभव भी दिख रहे हैं ,हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पूर्व भी गत वर्ष कोरोना काल पहले लहर में कुछ माननीय तो पूरी तरह भूमिगत थे ,तो कुछ राशन और भोजन बांटकर खूब वाहवाही लूटी।

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साधन संपन्न और सभी तरह से परिपूर्ण ये माननीय आपातकाल के वक्त इस प्रकार गायब हुए मानो गधे के सिर से सिंग, लेकिन यह जनता है यह सब जानती है।

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