JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, 342 अभ्यर्थियों को मिली राहत






रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी अफसर परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 18 अगस्त 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के अमल पर स्टे लगाया। अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को तय की गई है। इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियों पर खतरा उत्पन्न हो गया था।दो याचिकाओं में दीपमाला एवं अन्य और सोनम कुमारी ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, विज्ञापन संख्या 01/2024, को रद्द करने वाली अधिसूचना को चुनौती दी है। तीसरी याचिका सौरव सिंह एवं अन्य की ओर से फूड सेफ्टी अफसर परीक्षा, विज्ञापन संख्या 18/2023, के तहत हुई नियुक्तियों को रद्द करने के खिलाफ दायर की गई है। सोनम कुमारी ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने झारखंड की नौकरी के लिए अपनी दूसरी नौकरी छोड़ दी थी, 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया था। 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कुल 342 अभ्यर्थी सफल हुए थे और विभिन्न पदों पर कार्यरत थे।राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर करीब 25 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने कई परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया था। 18 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत JSSC-CGL समेत 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द की गईं, जबकि 2014 से अब तक JPSC और JSSC के जरिए हुई 17 परीक्षाओं, उनके परिणामों और नियुक्तियों की CID जांच का आदेश दिया गया। छह परीक्षाएं स्थगित भी की गईं। फिलहाल हाईकोर्ट की रोक संबंधित याचिकाओं में चुनौती दी गई अधिसूचनाओं पर लागू है।




