सोना देवी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य समापन

घाटशिला। सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में “Contemporary Global Scenario and Indian Knowledge System: An Analytical Discourse” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस आयोजन में देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए भारतीय ज्ञान प्रणाली की समृद्ध विरासत और समकालीन वैश्विक परिदृश्य में उसकी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया।


इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को ज्ञान, शोध और विचारों के आदान-प्रदान का बेहतर मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौतों एवं आधुनिक तकनीकी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
कुलपति प्रो. (डॉ.) ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं तकनीकी विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने शोधार्थियों से मौलिक एवं नवाचारपरक शोध करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं का शोध ही अभिनव एवं विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा।
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने प्रेरित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत है। इसे आधुनिक शिक्षा एवं शोध से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपनी ज्ञान परंपरा को आत्मसात कर विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सेमिनार के दौरान विभिन्न अकादमिक एवं तकनीकी सत्रों में भारतीय दर्शन, वेद, उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता, प्राचीन भारतीय विज्ञान, आधुनिक तकनीक, शोध एवं नवाचार जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विज्ञान एवं उच्च शिक्षा से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मौलिक चिंतन विकसित करने पर बल दिया।
इस आयोजन में २०० से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को अपने विचार एवं शोध साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान मिला। अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन एवं आधुनिक शिक्षा तथा अनुसंधान के साथ उसके समन्वय के संकल्प के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफल समापन हुआ। यह आयोजन शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में सोना देवी विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल साबित हुआ।


