9 साल से जेल में बंद पूर्व नक्सली कान्हू मुंडा को आखिरी केस में मिली जमानत



जमशेदपुर : 25 लाख रुपये के इनामी रहे पूर्व नक्सली एरिया कमांडर कान्हू मुंडा की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के बाघमुंडी थाना क्षेत्र में सूर्यकांत बंद्योपाध्याय की हत्या के मामले में बुधवार को कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। झारखंड के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत कान्हू मुंडा पर कुल 49 मामले दर्ज थे और इन सभी में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी। पुरुलिया का मामला उसकी रिहाई में आखिरी कानूनी बाधा था।


आत्मसमर्पण के बाद से कान्हू मुंडा बीते नौ वर्षों से जेल में बंद है। भाकपा माओवादी का पूर्व एरिया कमांडर कान्हू संगठन का बड़ा चेहरा माना जाता था और उस पर सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसने 15 मार्च 2017 को अपने सात अन्य साथियों के साथ पुलिस और प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण किया था।
राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत कान्हू मुंडा को आर्थिक सहायता और जीवनयापन के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। नीति के प्रावधानों के तहत सरकार ने उसे ढाई कट्ठा जमीन भी आवंटित की है, ताकि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जी सके।


