लोयोला स्कूल की पूर्व शिक्षिका वीरा मेनन को याद आया 1980 का दौर, बोलीं- वो शहर जन्नत जैसा था

जमशेदपुर : लोयोला स्कूल की पूर्व शिक्षिका वीरा मेनन ने 1980 के दशक के जमशेदपुर को याद किया है और उस दौर को ‘जन्नत’ बताया है। सोशल मीडिया पर अपनी यादें साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि उन्होंने यहीं पढ़ाई की और यहीं बड़ी हुईं, और वह समय उनकी जिंदगी के ‘सबसे अच्छे समय’ में से एक था। उनके मुताबिक उस दौर के जमशेदपुर में अच्छा माहौल था, पढ़ाई का स्तर बेहतर था और जो दोस्तियां बनीं, वे जिंदगी भर साथ रहीं।


यह पूरी बात सोशल मीडिया पर चल रहे उस ट्रेंड से शुरू हुई, जिसमें लोग 1980 के दशक की तस्वीरें और यादें शेयर कर रहे हैं। मेनन ने भी इसमें शामिल होकर उस समय की अपनी असली पासपोर्ट फोटो पोस्ट कीं और साथ में यह भी बताया कि ये तस्वीरें उसी दौर की असली तस्वीरें हैं, डिजिटल या AI से बनाई गई नहीं। उन्होंने लिखा, “हमारे पास भी असली फैशन ट्रेंड होते थे” — यानी सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने से पहले भी नौजवान अपने अंदाज में खुद को पेश करते थे। अपनी पीढ़ी के बारे में उन्होंने कहा कि वे लोग ‘ओरिजिनल जेन एक्स’ हैं, जो आज की तकनीक के बिना बड़े हुए।
तस्वीरों और फैशन से आगे उनकी बात संस्कारों पर टिकी रही। उन्होंने लिखा, “हम उन मूल्यों के साथ बड़े हुए, जिन्हें हम अपनी आत्मा के करीब रखते हैं।” उनका कहना है कि उनकी पीढ़ी आज भी मेहनत कर रही है और अपनी परवरिश और अनुभवों पर गर्व करती है। मेनन ने यह भी माना कि वे सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहती थीं, लेकिन 1980 के दशक की यादों की इस ‘बाढ़’ ने उनके अंदर की ‘जेन 1980s’ को जगा दिया।


