नदियों पर अतिक्रमण बना खतरा, सरयू राय की चेतावनी—विनाश को दे रहा न्योता


धनबाद : जल दिवस के अवसर पर आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नदियों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रिवर बेसिन ही नहीं, बल्कि रिवर बेड तक में अतिक्रमण हो चुका है और रांची व जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी के भीतर तक लोग घर बना चुके हैं, जिससे बाढ़ के समय भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराना जरूरी है, तभी नदियां अविरल बह सकेंगी।

कार्यक्रम में उन्होंने जल संकट, अंधाधुंध बोरिंग और अनियंत्रित औद्योगीकरण को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि नदियां प्राकृतिक रूप से अपना रास्ता बनाती हैं और यदि उनके प्रवाह को रोका गया तो यह विनाशकारी साबित होगा। सम्मेलन में पद्मश्री प्रो. आर के सिन्हा समेत कई विशेषज्ञों ने भी गंगा समेत अन्य नदियों में बढ़ते प्रदूषण, तटबंध निर्माण और जैव विविधता पर खतरे की ओर ध्यान दिलाया।
कार्यक्रम में पर्यावरणविदों ने जलवायु परिवर्तन, भूजल दोहन और नदियों के घटते प्रवाह पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। वक्ताओं ने जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और नीतिगत सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।


