टाटा स्टील की कैंटीन व्यवस्था पर कर्मचारियों में नाराजगी, समय पर भोजन नहीं मिलने से फूड अलाउंस की मांग

जमशेदपुर : टाटा स्टील में कैंटीन व्यवस्था को समावेशी (इंक्लूसिव) बनाये जाने के बाद कर्मचारियों को भोजन और नाश्ते की उपलब्धता को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों के अनुसार, रविवार को कम संख्या में कर्मचारी मौजूद रहने के बावजूद कैंटीन संचालन करने वाली एजेंसी समय पर भोजन उपलब्ध नहीं करा सकी. एलडी-3 में सुबह उपमा, चटनी और बूंदिया का नाश्ता कुछ ही देर में खत्म हो गया, जिससे कतार में खड़े कई कर्मचारियों को बिना नाश्ता किये लौटना पड़ा. दोबारा नाश्ते की आपूर्ति भी नहीं हुई. कर्मचारियों का आरोप है कि सीएसएस की कैंटीनों में मेन्यू निर्धारित नहीं किया जा रहा है. वहीं, रविवार रात 8:30 बजे तक एलडी-3 के सभी ट्रॉली प्वाइंट पर रात का भोजन नहीं पहुंचा था.


कंपनी परिसर की 10 मीटर कैंटीन नयी व्यवस्था लागू होने के पहले दिन से बंद बताई जा रही है. यहां मौजूद सात ट्रॉली प्वाइंट में से केवल पांच का संचालन हो रहा है. जीरो मीटर में भी रविवार को भोजन नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आई. इसके अलावा कर्मचारियों ने ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में गड़बड़ी की शिकायत की है. उनका कहना है कि अंडे बुक करने पर खाते से पैसे कट गये, लेकिन अंडे उपलब्ध नहीं कराये गये. कर्मचारियों ने आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होने तक अंडों की ऑनलाइन बुकिंग बंद करने और काटी गई राशि वापस करने की मांग की है.
कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन व्यवस्था में बदलाव से सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन लगातार भोजन की कमी और आपूर्ति में देरी से नाराजगी बढ़ रही है. अब व्यवस्था में सुधार नहीं होने की स्थिति में टाटा कमिंस की तर्ज पर हर महीने तीन से चार हजार रुपये फूड अलाउंस देने की मांग भी उठने लगी है.


