दिनकर की रचनाओं से नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर, विजेताओं को मिले पुरस्कार

JHARKHAND: पटना विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं पटना कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. तरुण कुमार की मुख्य अतिथि और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के सुपौत्र अरविंद कुमार सिंह की विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूदगी में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि बिहार एसोसिएशन ने स्थापना के 100 वर्ष पूरे किए हैं और दिनकर परिषद लंबे समय से साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिनकर को जनता का कवि बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं पाठकों के सामने सवाल खड़े करती हैं और उनकी कविताएं आज भी आमलोगों की जुबान पर मुहावरे की तरह प्रचलित हैं।

विशिष्ट अतिथि अरविंद कुमार सिंह ने दिनकर के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने नई पीढ़ी को दिनकर की रचनाओं से जोड़ने के लिए ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की जरूरत बताई। समारोह का उद्घाटन दिनकर के चित्र के अनावरण, माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राजेंद्र विद्यालय की छात्रा कृतिका ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
दिनकर जयंती पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने काव्य-पाठ किया और मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। समारोह का संचालन भावेश कुमार ने किया। सरस्वती वंदना और महासचिव सीपीएन सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


