जमशेदपुर में ग्रहण सूतक नियम और सावधानियाँ — क्या करें और क्या न करें

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जमशेदपुर : चंद्र या सूर्य ग्रहण के दौरान पालन किए जाने वाले सूतक नियम और सावधानियाँ पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। ग्रहण के समय घरों में विशेष धार्मिक और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ बरतने की परंपरा है। लोग ग्रहण के प्रभाव से बचने और शुभ-अशुभ से रक्षा पाने के लिए यह नियम अपनाते हैं।

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ग्रहण प्रारंभ होने से पहले और ग्रहण समाप्त होने तक सूतक काल माना जाता है। इस दौरान भोजन पकाना, नए कार्य शुरू करना, शुभ कार्यों में भाग लेना तथा पूजा-अर्चना जैसे कर्मों से बचना चाहिए। कई लोगों का मानना है कि ग्रहण के समय ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए सावधानी रखना आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार ग्रहण काल में बच्चों और बुज़ुर्गों को सीधे बाहर निकलने से बचना चाहिए। भोजन और पानी को ढक कर रखना चाहिए और ग्रहण से ठीक एक बार बाद स्नान कर लेना शुभ माना जाता है। इसके अलावा ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए ध्यान, प्रार्थना और सकारात्मक विचारों का अभ्यास भी उपयोगी बताया गया है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार ग्रहण के समय व्रत, जप, दान-धर्म, और गुड कार्य करने से शुभ प्रभाव की प्राप्ति होती है। कुछ परिवारों में ग्रहण समाप्त होने पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं।

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