भ्रष्टाचार की कुर्सी पर डॉ. प्रमिला कुमारी की वापसी: पिछले कार्यकाल में गम्हरिया CHC में कबाड़ की बोलेरो पीती थी पेट्रोल-डीजल, अब फिर से प्रभारी बनने को तैयार! अमलगम कंपनी का लगभग 4 करोड़ रुपये का संदिग्ध बिल पास कराने का मामला बना चर्चा का केंद्र

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

आदित्यपुर : गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भ्रष्टाचार की परतें एक–एक कर खुलती जा रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन मामलों की जांच तो दूर, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं उन्हें दोबारा प्रभार देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों की मानें तो अमलगम कंपनी द्वारा CSR फंड के तहत गम्हरिया CHC में लगभग 4 करोड़ रुपये के एक संदिग्ध बिल को लेकर पूरा मामला अटका हुआ है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि वहां 2–3 लाख का भी काम नहीं किया गया। इसी मनमाने बिल को पास कराने के उद्देश्य से पूर्व प्रभारी प्रमिला कुमारी को फिर से कुर्सी दिलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

यह वही मामला है, जिसे लेकर लोक आलोक न्यूज ने पहले भी खबर प्रकाशित की थी। उस समय सिविल सर्जन न तो ठोस जवाब दे पाए थे और न ही कोई कार्रवाई दिखा पाए—बल्कि केवल टाल–मटोल करते रहे। अब जब भ्रष्टाचार के और बड़े मामले सामने आ रहे हैं, तब भी विभागीय चुप्पी बरकरार है।

गम्हरिया स्वास्थ्य केन्द्र में भ्रष्टाचार का ऐसा आलम है कि यहां कबाड़ हो चुकी, कई वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ी एक बोलेरो गाड़ी के नंबर पर डीजल-पेट्रोल तक खरीदा जा रहा था। स्वास्थ्य केन्द्र के विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि इस मृत बोलेरो—गाड़ी संख्या JH01Q1273—जो कि एक डीजल वाहन है, उसी के नंबर पर न सिर्फ डीजल बल्कि पेट्रोल तक खरीदा गया, और यह इंधन यहां के अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी वाहनों में इस्तेमाल होता रहा। सूत्रों का कहना है कि यह खेल लगभग कई वर्षों तक चला , जिससे विभाग को उस वक्त करीब लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।

इतना ही नहीं, स्वास्थ्यकर्मी अपनी निजी गाड़ियों का उपयोग कर विभाग से किराया भी वसूल लेते हैं। यानी नीचे से ऊपर तक पूरा तंत्र इस खेल में शामिल था। पूर्व में भी प्रमिला कुमारी के प्रभारी रहते हुए अकाउंटेंट की मिलीभगत से पैसों की लूट बेशर्मी से जारी था। जब इस पूरे खेल के बारे में अकाउंटेंट से पूछा गया, तो उसने सिर्फ इतना कहा—“गलती से गाड़ी का नंबर लिखा गया होगा”—लेकिन लोक आलोक न्यूज के पास मौजूद बिल खुद ही भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी खुलासा किया था कि पूर्व प्रभारी प्रमिला कुमारी अपने निजी वाहन में स्वास्थ्य केन्द्र की पर्ची पर पेट्रोल भरवाती थीं। पेट्रोल पंप कर्मचारियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें जो पर्ची दी जाती है, वे उसी आधार पर पेट्रोल उपलब्ध कराते हैं और बिल भी उसी नंबर पर काटते हैं जैसा आदेश दिया जाता है।

इतने गंभीर और लगातार उजागर होते मामलों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना जांच पूरी हुए, इतने गंभीर आरोपों के रहते हुए प्रमिला कुमारी को दोबारा प्रभार कैसे दिया जा रहा है? क्या इन भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए यह नियुक्ति की जा रही है? क्या विभाग इस पूरे प्रकरण में जानबूझकर आंख मूंदे हुए है? जिले के उपायुक्त से लेकर सिविल सर्जन तक—किसकी नजर से यह बड़ा भ्रष्टाचार का खेल ओझल है?

यह खबर पूर्व में भी लोक आलोक न्यूज द्वारा प्रकाशित की जा चुकी है, और अब नए खुलासों ने यह साफ कर दिया है कि गम्हरिया स्वास्थ्य केन्द्र में भ्रष्टाचार सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि वर्षों से चल रही एक संगठित व्यवस्था है। अब देखना यह है कि इन चौंकाने वाले तथ्यों के सामने आने के बाद विभाग कोई कार्रवाई करता है या एक बार फिर लीपापोती की कोशिशें शुरू होती हैं।

Thanks for your Feedback!

You may have missed