वोटर लिस्ट में नाम को लेकर न हों परेशान, नोटिस मिले तो साथ रखें जरूरी दस्तावेज

झारखंड : विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका को लेकर लोगों में चिंता है। निर्वाचन कार्यालय से नोटिस मिलने पर उसमें मैपिंग नहीं होने का जो कारण बताया गया है, उससे संबंधित दस्तावेज लेकर सुनवाई में पहुंचना होगा। जन्मतिथि दर्ज वाला शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रमुख दस्तावेज है। जरूरत के अनुसार वंशावली, खतियान और जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं।


डीसी मंजूनाथ भजंत्री के अनुसार, वर्ष 1987 से पहले जन्मे लोगों के लिए जन्मतिथि वाला शैक्षणिक प्रमाण पत्र मान्य होगा। वर्ष 1987 से 2002 के बीच जन्मे मतदाताओं को माता-पिता के दस्तावेज देने होंगे, जबकि खतियान या वंशावली भी जरूरी है। आयोग ने 17 से 18 तरह के दस्तावेज निर्धारित किए हैं। सॉफ्टवेयर में किसी तरह की विसंगति मिलने पर मैपिंग हो चुके मतदाताओं को भी नोटिस जारी हो सकता है, लेकिन योग्य मतदाता जरूरी दस्तावेज देकर अपनी मैपिंग करा सकते हैं।एक ही पिता के पांच या छह मतदाता दर्ज होने जैसे मामलों में भी नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। मतदाताओं द्वारा इस संबंध में लिखित जानकारी देने पर उसे स्वीकार किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नोटिस को लेकर नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा है कि कर्मचारी दस्तावेज और मैपिंग की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।


