डॉक्टर ने बच्चों के आहार नली में फंसा सिक्का निकालने को बनाया आसान,

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सतना: सतना के सरकारी मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर प्रभात सिंह बघेल ने बच्चों की आहार नली में फंसे सिक्के को सुरक्षित और सरल तरीके से निकालने की तकनीक विकसित की है. इस नवाचार के लिए उनके शोध को देशभर में सराहना मिली है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) ने भी उनके प्रयास की प्रशंसा की है. भोपाल में आयोजित एक सम्मेलन में इस शोध को पहला स्थान दिया गया.भोपाल में हुई शिशु रोग विशेषज्ञों की वार्षिक सम्मेलन के सतना जिले में हुई बच्चों की शोध को पहला पुरुस्कार दिया गया है। जिले से शासकीय मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डा. प्रभात सिंह एवं डा. संजीव प्रजापति को पुरस्कार के साथ सम्मान से भी नवाजा गया। बताया गया कि शिशु रोग विशेषज्ञों का वार्षिक सम्मेलन भोपाल में 12 से 14 दिसम्बर तक आयोजित किया गया था। इसमें देश भर से आए 700 शिशु रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था। सतना के जिला अस्पताल और यस हास्पिटल में की गई इस रिसर्च को कांफ्रेंस में डा. प्रभात सिंह बघेल द्वारा प्रस्तुत किया गया और सतना की इस शोध को पहला स्थान मिला। भोपाल में हुई शिशु रोग विशेषज्ञों की वार्षिक सम्मेलन के सतना जिले में हुई बच्चों की शोध को पहला पुरुस्कार दिया गया है। जिले से शासकीय मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डा. प्रभात सिंह एवं डा. संजीव प्रजापति को पुरस्कार के साथ सम्मान से भी नवाजा गया। बताया गया कि शिशु रोग विशेषज्ञों का वार्षिक सम्मेलन भोपाल में 12 से 14 दिसम्बर तक आयोजित किया गया था। इसमें देश भर से आए 700 शिशु रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था। सतना के जिला अस्पताल और यस हास्पिटल में की गई इस रिसर्च को कांफ्रेंस में डा. प्रभात सिंह बघेल द्वारा प्रस्तुत किया गया और सतना की इस शोध को पहला स्थान मिला। डा. प्रभात सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों में इस कैथेटर के जरिए 68 बच्चों के आहार नली में फंसे सिक्कों को अब तक निकाला जा चुका है। इस रिसर्च को दूसरे देश के डाक्टरों को भी बताने के लिए इस विषय पर शोध किया गया। शोध पत्र बनाकर भोपाल में हुई शिशु रोग विशेषज्ञ कांफ्रेंस में पेश किया गया जिसमें देश के जाने-माने डाक्टरों द्वारा सतना में हुए इस शोध को सराहा गया और पहले प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। डा. सिंह ने बताया कि अब इस शोध को जिले की छोटी-छोटी स्वास्थ्य संस्थाओं में भी बताया जाएगा ताकि आसानी से बच्चों के आहार नली में फंसे सिक्के एवं अन्य चीजों को आसानी से बाहर निकाला जा सके।

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