अंडरग्राउंड वायरिंग के काम पर विवाद, कॉलोनी के लोगों ने लगाया धार्मिक रंग देने का आरोप

जमशेदपुर : साकची स्थित रोजेड नगर हाउस बिल्डिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के अंतर्गत आने वाली रोजेड नगर न्यू कॉलोनी में अंडरग्राउंड वायरिंग के काम को लेकर विवाद सामने आया है। समिति के सदस्य विशाल जैन ने मीडिया के सामने कहा कि कॉलोनी में चल रहा काम किसी भी तरह के धार्मिक कार्य को बाधित करने के उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर इस मामले को धार्मिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सभी सदस्य काम में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन एक व्यक्ति इसे होने नहीं देना चाहता।

विशाल जैन और पूजा मोदी ने बताया कि कॉलोनी की करीब 49 साल पुरानी बिजली वायरिंग को भूमिगत करने की पहल पिछले 8 से 10 महीनों से चल रही है। इसके लिए संबंधित विभागों, उपायुक्त कार्यालय और स्थानीय थाने से आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार कराई गई है और सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही काम शुरू किया गया। समिति सदस्यों के अनुसार, वायरिंग को भूमिगत करने का उद्देश्य पुरानी बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाना है। विशाल जैन ने स्पष्ट किया कि बिजली का डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स (डीबी बॉक्स) शिवलिंग वाले पेड़ से करीब छह फीट की दूरी पर लगाया जा रहा है।
विशाल जैन के मुताबिक, कॉलोनी के कुल 25 प्लॉट धारकों में से 24 इस कार्य और समिति के साथ हैं, जबकि एक प्लॉट धारक इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर गलत आरोप लगाकर विवाद को धार्मिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। समिति का कहना है कि काम को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि उसका उद्देश्य केवल बिजली की पुरानी व्यवस्था को सुधारना है। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन और मीडिया से मामले के सभी पहलुओं को समझने की अपील की है। साथ ही प्लॉट धारकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड वायरिंग का काम पूरा करने देने का आग्रह किया है।


