PM मोदी की “वर्क फ्रॉम होम” अपील पर दुनिया भर में चर्चा, 70 देशों में पहले से लागू व्यवस्था का दिया उदाहरण


नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक सार्वजनिक संबोधन में नागरिकों से अपील की कि जहां संभव हो वहां “वर्क फ्रॉम होम” (घर से काम) की व्यवस्था को फिर से अपनाया जाए। यह सुझाव उन्होंने बढ़ते ईंधन खर्च और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जिस तरह ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कामकाज को व्यापक रूप से अपनाया गया था, उसी तरह अब भी इसे जारी रखकर पेट्रोल-डीजल की खपत कम की जा सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका यह भी कहना था कि कई देशों में ऐसी लचीली कार्य व्यवस्था पहले से लागू है और करीब 70 देशों में वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड वर्क सिस्टम को नीति के रूप में अपनाया गया है।
उनकी इस अपील के बाद देश में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे आर्थिक दबाव कम करने और ऊर्जा बचत की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे परिस्थितिजन्य सलाह बता रहे हैं। इस बीच राजनीतिक स्तर पर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।


