मत्स्य निदेशक एवं उप निदेशक ने चांडिल जलाशय एवं फिश फीड मिल का किया निरीक्षण, मत्स्य उत्पादन एवं मत्स्यजीवियों की आजीविका सुदृढ़ीकरण पर दिया बल

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Saraikela:सरायकेला-खरसावाँ जिले के भ्रमण के क्रम में झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार एवं उप निदेशक (मत्स्य) शंभू प्रसाद यादव ने चांडिल जलाशय एवं चांडिल फिश फीड मिल का निरीक्षण कर मत्स्य क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा की.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी समिति एवं चांडिल स्वर्णरेखा मत्स्यजीवी समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ बैठक कर मत्स्य उत्पादन, जलाशय के वैज्ञानिक प्रबंधन, मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, मत्स्य विपणन, मत्स्यजीवियों की आजीविका संवर्धन तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की. बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों एवं समस्याओं से अवगत होते हुए अधिकारियों ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन में वृद्धि तथा मत्स्यजीवियों की आय बढ़ाने हेतु आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया. मत्स्य निदेशक ने कहा कि जलाशयों का वैज्ञानिक प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज का संचयन, मत्स्य संसाधनों का संरक्षण तथा मत्स्यजीवी समितियों की सक्रिय सहभागिता से मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र मत्स्यजीवियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाने तथा समितियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए.
इसके उपरांत अधिकारियों ने चांडिल फिश फीड मिल का निरीक्षण कर फिश फीड निर्माण प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का अवलोकन किया. इस दौरान उच्च गुणवत्ता वाले संतुलित मत्स्य आहार के उत्पादन, वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया अपनाने, कच्चे माल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया गया. साथ ही फिश फीड की गुणवत्ता एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया. निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, मत्स्यजीवी समितियों के सुदृढ़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य उत्पादन तथा राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिले तथा मत्स्य पालकों की आय में सतत वृद्धि हो. इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी रौशन कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी राज कुमार तुरी, चांडिल मत्स्यजीवी समिति के अध्यक्ष नारायण गोप, सरदीप कुमार लायक, विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी तथा दोनों मत्स्यजीवी समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे.

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