सरना धर्म कोड पर फिर तेज हुई मांग, राष्ट्रपति-PM को पत्र… आदिवासी पहचान को लेकर हलचल

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरना धर्म को अलग पहचान दिलाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि आगामी जनगणना के दूसरे चरण में सरना धर्म के लिए अलग कोड शामिल किया जाए, ताकि आदिवासी समुदाय की धार्मिक पहचान को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सके।

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पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की नीतियों और विकास योजनाओं का आधार होती है। ऐसे में यदि किसी समुदाय की सही धार्मिक पहचान दर्ज नहीं होती, तो उसके सामाजिक और आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड विधानसभा पहले ही इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेज चुकी है।

सीएम ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि तब भी बड़ी संख्या में लोगों ने ‘सरना’ लिखकर अपनी पहचान दर्ज कराई थी, बावजूद इसके अलग कोड नहीं मिल पाया। उनका मानना है कि सरना धर्म की अपनी अलग परंपराएं, प्रकृति पूजा और ग्राम देवताओं की मान्यता है, इसलिए इसे अलग धार्मिक पहचान देना जरूरी है।

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