ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर 5 करोड़ की साइबर ठगी, गिरोह में करीब 30 सदस्य शामिल

जमशेदपुर : ऑनलाइन गेमिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर सात महीने में चार से पांच करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का नेटवर्क करीब 30 लोगों तक फैला हुआ है। पुलिस की जांच में गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिली डायरी में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक पांच युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना समेत तीन आरोपी फरार हैं।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। इनमें ठगी की रकम का लेन-देन करने, बैंक खाते उपलब्ध कराने और पैसे को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले लोग शामिल थे। ठगी से प्राप्त रकम में से कुछ लोगों को उनकी भूमिका के बदले भुगतान भी किया जाता था। पुलिस यह पता लगा रही है कि किन लोगों को कितनी रकम और किस माध्यम से दी गई। जांच में गिरोह के तार कोलकाता तक जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में दूसरे जिलों और राज्यों के लोग भी शामिल हैं।
बिरसानगर के ओम नगर स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस ने डायरी, रजिस्टर, नोटबुक, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन दस्तावेजों में दर्ज नाम और लेन-देन के विवरण के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। रामगढ़ साइबर थाना कांड संख्या 05/2026 के अनुसंधान में मिले सुराग के आधार पर जमशेदपुर पुलिस और रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।


