एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दोनों इंटर्न हॉस्टल अवैध कब्जे से मुक्त, 80 से अधिक कमरों में प्रशासन ने लगाया ताला

जमशेदपुर : साकची स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दोनों इंटर्न हॉस्टल को जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। शनिवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने हॉस्टल के कमरों के ताले तोड़े और 80 से अधिक कमरों में अपना ताला लगा दिया। कमरों से मिले सामान को अंदर ही सुरक्षित रखकर प्रशासन ने सील कर दिया। अभियान के दौरान हॉस्टल परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई थी।


एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा के अनुसार, दोनों हॉस्टल के 96 कमरों पर गैर-शैक्षणिक जूनियर रेजिडेंट और बाहरी लोगों का कब्जा था। ये लोग बिना आवंटन के वर्षों से वहां रह रहे थे। इस कारण इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों को रहने के लिए कमरे नहीं मिल पा रहे थे। वर्तमान में वर्ष 2020 बैच के इंटर्न डॉक्टरों को परेशानी हो रही थी। ब्वॉयज हॉस्टल में केवल 9 कमरे और महिला हॉस्टल में 3 कमरे ही वैध रूप से आवंटित थे। अस्पताल प्रबंधन ने 25 नवंबर 2025, 2 अप्रैल 2026 और 8 मई 2026 को कमरे खाली करने के नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया। धालभूम एसडीएम अर्णव मिश्रा के निर्देश पर 30 अक्तूबर तक हॉस्टल खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था।
कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात मानगो नगर निगम के कनीय अभियंता विपिन रंजन ने बताया कि महिला हॉस्टल के सात कमरों में सामान रखा हुआ था, जबकि बाकी कमरे खाली थे। पुरुष हॉस्टल के कुछ कमरों में भी सामान मिला। महिला डॉक्टरों ने कमरे खाली कर दिए थे, जबकि पुरुष हॉस्टल में कुछ लोगों ने दो दिन की मोहलत मांगी थी। हालांकि, सभी कमरे खाली कराकर बंद कर दिए गए। अभियान में वार्डन डॉ. शिव चंद्रिका हांसदा, डॉ. मंगेश दोराई, डॉ. आर्शी परवीन, डॉ. निहार टोपनो और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नारायण उरांव सहित अस्पताल कर्मी, होमगार्ड और झारखंड पुलिस के जवान शामिल थे।


