नेतरहाट पर करोड़ों खर्च, लेकिन महुआडांड़ अब भी बदहाल — अनुमंडल मुख्यालय होने के बाद भी विकास से वंचित बाजार क्षेत्र

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Jharkhand : महुआडांड़ (लातेहार):एक तरफ झारखंड सरकार नेतरहाट को पर्यटन हब बनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी प्रखंड का मुख्य बाजार क्षेत्र महुआडांड़ और अंबवाटोली पंचायत आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। हालत यह है कि अनुमंडल मुख्यालय होने के बावजूद यहां के लोग आज भी बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार,स्वास्थ्य और खेल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का पूरा ध्यान केवल नेतरहाट तक सीमित होकर रह गया है, जबकि महुआडांड़ बाजार क्षेत्र विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता जा रहा है। वर्षों से लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
महुआडांड़ में आज तक एक सरकारी डिग्री कॉलेज तक नहीं बन पाया। गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का सहारा लेना पड़ता है,अच्छे इलाज की सुविधा नही है,खेल प्रतिभाओं के लिए न क्रिकेट स्टेडियम है और न कोई आधुनिक खेल मैदान। बच्चों और परिवारों के लिए एक अच्छा पार्क तक उपलब्ध नहीं है।बिजली व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब है कि अनुमंडल मुख्यालय में भी लोगों को 24 घंटे बिजली नहीं मिलती। गर्मी आते ही बिजली कटौती आम बात बन जाती है। पानी की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। कई इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं हो पा रहा है सबसे गंभीर मुद्दा बेरोजगारी का है। महुआडांड़ के हजारों युवा रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर हैं। न कोई उद्योग, न फैक्ट्री, न कोई बड़ा सरकारी रोजगार प्रोजेक्ट। आखिर अनुमंडल बनने का फायदा क्या, जब यहां के युवाओं को अपने घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करनी पड़े ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नेतरहाट आने वाले हजारों पर्यटकों का लाभ महुआडांड़ बाजार क्षेत्र को मिल सकता था, लेकिन आज तक ऐसी कोई ठोस योजना नहीं बनी, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय या युवाओं को रोजगार मिल सके।क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सांसद काली चरण सिंह,विधायक रामचंद्र सिंह और जिला प्रशासन मांग की है कि महुआडांड़ में अविलंब सरकारी डिग्री कॉलेज, क्रिकेट स्टेडियम,करोड़ो रुपए की लागत से बना हॉस्पिटल जल्द शुरू कराने की मांग,पार्क, 24 घंटे बिजली व्यवस्था, शुद्ध पेयजल योजना और रोजगार आधारित उद्योग लगाए जाएं। साथ ही पर्यटन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट महुआडांड़ बाजार क्षेत्र में भी लागू किए जाएं, ताकि यहां के युवाओं और व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके।

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