महुआडांड़ बस स्टैंड में चला ऐतिहासिक सफाई महाअभियान, जनप्रतिनिधियों ने फावड़ा उठाकर पेश की मिसाल



महुआडांड़ : महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय का बस स्टैंड मंगलवार को एक ऐतिहासिक दिन का गवाह बना। जिला परिषद सदस्य स्तेला नागेशिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार के सशक्त नेतृत्व में यहां ऐसा भव्य सफाई महाअभियान चलाया गया जिसने पूरे इलाके को स्वच्छता का नया संदेश दिया। महीनों से कचरे के ढेर और गंदगी से जूझ रहे बस स्टैंड की तस्वीर कुछ ही घंटों में पूरी तरह बदल गई।

जेसीबी की गर्जना, श्रम का संकल्प
सूरज की पहली किरण के साथ ही बस स्टैंड परिसर में जेसीबी और ट्रैक्टरों की गर्जना गूंजने लगी। जिला परिषद सदस्य स्तेला नागेशिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार के आह्वान पर सभी दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं और श्रमदान के लिए आगे आए। देखते ही देखते पूरा बस स्टैंड परिसर एक कर्मभूमि में बदल गया। जेसीबी से कचरे के बड़े-बड़े ढेर हटाए गए, जबकि झाड़ू से कोने-कोने की सफाई की। अभियान को सफल बनाने के लिए बस, ऑटो संचालकों और दुकानदारों ने दिल खोलकर आर्थिक सहयोग दिया।
जब नेतृत्व ने थामा फावड़ा
अभियान का सबसे प्रेरणादायक पल तब आया जब मजदूरों की कमी के चलते जिला परिषद सदस्य स्तेला नागेशिया और वरिष्ठ पत्रकार रामप्रवेश खुद मैदान में उतर पड़े। दोनों ने बिना किसी संकोच के हाथों में फावड़ा थामा और पसीना बहाकर कचरा उठाकर ट्रैक्टर में डालना शुरू कर दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। दूसरी ओर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने भी नेतृत्व की मिसाल पेश की। उन्होंने तपती दोपहरी और कड़ी धूप की परवाह न करते हुए पूरे दिन सफाई कार्य का संचालन किया। वे खुद मजदूरों के साथ खड़े रहे और एक-एक हिस्से को चमकाने तक डटे रहे। थाना प्रभारी ने कहा, “बस स्टैंड हमारा चेहरा है। इसे साफ रखना सिर्फ प्रशासन नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”
नशामुक्त और स्वच्छ प्रखंड का संकल्प
सोमवार को थाना परिसर में महुआडांड़ और अंबवाटोली पंचायत के प्रतिनिधियों, मुखिया संघ और पुलिस प्रशासन की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रखंड को नशामुक्त और आदर्श स्वच्छ प्रखंड बनाने का संकल्प लिया गया। निर्णय हुआ कि अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस नियमित रूप से सघन छापामारी अभियान चलाएगी। ग्रामीणों से गुप्त सूचना देने की अपील की गई। अभियान की समाप्ति पर बस स्टैंड का बदला हुआ स्वरूप देखकर यात्रियों के चेहरे खिल उठे।


