89 करोड़ रुपये से बने विश्वविद्यालय कैंपस में दरारें, सुरक्षा के लिए 70 छात्राएं हॉस्टल से शिफ्ट

जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का सिदगोड़ा स्थित नया कैंपस उद्घाटन के महज दो साल के भीतर बदहाल होने लगा है। करीब 89 करोड़ रुपये की लागत से बने नौ मंजिला कैंपस के एकेडमिक ब्लॉक और महिला हॉस्टल की दीवारों में गहरी दरारें पड़ गयी हैं, जबकि कई जगह प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। हॉस्टल की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर यहां रह रहीं करीब 70 छात्राओं को बिष्टुपुर स्थित पुराने कैंपस के हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ सलोमी कुजूर ने बताया कि छात्रावास की स्थिति जर्जर है और दीवारें टूट रही हैं। मरम्मत के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (एचआरडी) को पत्र भेजा गया है और जल्द जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा।


सिदगोड़ा कैंपस के एकेडमिक ब्लॉक और महिला हॉस्टल की दीवारों पर लंबी और गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। नवनिर्मित हॉस्टल में प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। छात्राओं के अनुसार, कमरों के दरवाजे भी सही तरीके से बंद नहीं होते और अचानक प्लास्टर गिरने के कारण अनहोनी की आशंका बनी रहती थी। वर्ष 1953 में बिष्टुपुर में जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की नींव रखी गयी थी। विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद राज्य सरकार ने सिदगोड़ा में 17 एकड़ जमीन पर नया कैंपस तैयार कराया। अक्तूबर 2023 में दुर्गापूजा से पहले यहां शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां शुरू की गयी थीं। वर्तमान में कैंपस में करीब तीन हजार छात्राएं अध्ययनरत हैं और यहां पीजी, वोकेशनल कोर्सेज की कक्षाओं के साथ परीक्षा विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां भी संचालित होती हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ इला कुमार ने बताया कि सिदगोड़ा कैंपस में अभी कई और इमारतों का निर्माण होना है और जल्द ही द्वितीय चरण यानी सेकेंड फेज का काम शुरू किया जायेगा। इसके साथ हॉस्टल का जीर्णोद्धार भी कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि काम शुरू होने से पहले सुरक्षात्मक कदम के तहत हॉस्टल खाली कराया गया और छात्राओं को बिष्टुपुर स्थित हॉस्टल में शिफ्ट किया गया है।


