होली के रंग में कोरोना का भंग , झारखण्ड सरकार ने जारी किया गाइडलाइन

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राँची :-  कोरोना वायरस की देश में उठती दूसरी लहर होली पर भारी पड़ने जा रही है।  झारखंड सरकार ने भी साफ कर दिया है कि होली घरों के अंदर ही मनाई जाय। ऐसा करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है। यह सब कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण हो रहा है। पिछले साल 10 मार्च, 2020 को होली थी। इससे पहले ही कोरोना देश में दस्तक दे चुका था। इसके मद्देनजर सरकार ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए होली का त्योहार मनाने के निर्देश दिया था। होली के एक पखवारा के बाद 25 मार्च, 2020 को देश में लॉकडाउन हो गया था। अब लॉकडाउन नहीं है। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों ने होली के रंग को फीका करने का माहाैल बना दिया है।

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झारखंड सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सचेत हो गई है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार झारखंड में सार्वजनिक स्थानों पर होली, सरहुल, शब-ए-बारात, चैती नवरात्र, रामनवमी और ईस्टर मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में झारखंडवासियों को होली घरों में ही मनानी होगी। होली में सामूहिक रूप से लोग मिलते-जुलते हैं। एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगा होली खेलते हैं। सड़कों पर होलियारों का हुजूम दिख जाता है। लेकिन सरकार ने घरों से बाहर होली खेलने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना के मद्देनजर जारी एसओपी को ट्वीट कर लोगों को जानकारी दी है। इस साल झारखण्ड  समेत पूरे देश में 29 मार्च को होली मनायी जाने वाली है।

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होली का त्योहार हर किसी के चेहरे पर खुशी की लहर ला देता है। होली के त्योहार पर लोग अपने सारे मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगा कर गले मिलते हैं लेकिन कोरोना काल ने इस बार होली के त्योहार के रंगों को ही फीका कर दिया है। इसका असर बाजार में साफ देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते बेहद कम लोग बाजारों में खरीदारी करने निकल रहे हैं। गुलाल और पिचकारी खरीदने पहुंच रहे हैं, वे भी बेहद कम मात्रा में गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस बार कोरोना के कारण होली का सिर्फ निर्वहन किया जाएगा। तिलक लगाकर ही होली खेली जाएगी।

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