कांके फायरिंग से पहले बड़का स्याल में रची गई थी साजिश, राहुल दुबे गैंग ने दी थी धमकी

रांची : राजधानी रांची के कांके में 30 अक्टूबर 2026 की तड़के कोयला कारोबारी संजय करमाली के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की जिम्मेदारी राहुल दुबे गैंग ने ली है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, इस हमले की पटकथा 26 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:30 बजे ही रामगढ़ जिले के बड़का स्याल में लिख दी गई थी। उस रात गैंग ने आउट सोर्सिंग कंपनी सैनिक इंफ्रा के गेट के पास फायरिंग की थी, जिसमें हजारीबाग के पद्मा स्थित लाठी गांव निवासी सुरक्षा गार्ड दिवेश कुमार ओझा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कुल पांच गोलियां लगी थीं, जिनमें तीन पेट, एक पैर और एक हाथ में लगी थी।

सूत्रों के मुताबिक, सैनिक इंफ्रा के गेट पर फायरिंग के बाद गैंग ने एक धमकी भरी पर्ची भी फेंकी थी। इसमें संजय करमाली और सोना राम मांझी के नाम का उल्लेख किया गया था। साथ ही सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) के अधिकारी, महाप्रबंधक, न्यू बिरसा साइडिंग के सीओ और स्याल के पीओ को भी धमकी दी गई थी। पर्ची में चेतावनी दी गई थी कि अगला निशाना सीसीएल प्रोजेक्ट ऑफिसर और जीएम का कार्यालय होगा। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को संजय करमाली को व्हाट्सएप पर बार-बार जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष सोना राम मांझी को भी व्हाट्सएप के जरिए धमकाया जा रहा था।
सूत्रों का कहना है कि राहुल दुबे गैंग लेवी वसूली के लिए कोयला कारोबारियों को धमकी देने और फायरिंग कर दहशत फैलाने का तरीका अपनाता है। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और लातेहार जिले को गैंग का कार्यक्षेत्र बताया गया है। इससे पहले फरवरी 2025 में सैनिक इंफ्रा के जीएम को धमकी, मार्च 2025 में बिरसा कांटा घर के पास फायरिंग और हाइवा में आगजनी, 31 दिसंबर 2025 को दसई मांझी के घर पर फायरिंग, 22 अप्रैल 2026 को बड़कागांव के 13 माइल के पास हाइवा में आगजनी, 06 जुलाई 2026 को गिद्दी सीओ पोस्ट पर फायरिंग, 24 जुलाई 2026 को केरेडरी के बुकरू में पुलिस के साथ मुठभेड़ और 22 अगस्त 2026 को गिद्दी कोल खनन ट्रांसपोर्टिंग रोड पर फायरिंग की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।


