50 वर्षों से अधिक समय से चल रहा CHC, अब तक स्वास्थ्य विभाग के नाम नहीं हुई जमीन

Advertisements

अनगडा : गोंदलीपोखर (बेड़वारी) में पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की जमीन अब तक स्वास्थ्य विभाग के नाम दर्ज नहीं हो सकी है। खाता संख्या 2, प्लॉट संख्या 928 और रकबा 1.44 एकड़ की यह भूमि बाबू महेश चौधरी की रैयती जमीन बतायी जाती है। हाल के वर्षों में इसी परिसर में लाखों रुपये की लागत से अत्याधुनिक मॉडल भवन बनाया गया और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराये गये, लेकिन जमीन के दस्तावेज विभाग के नाम नहीं होने का मामला लंबित है। इसका असर स्वास्थ्य योजनाओं पर भी पड़ा। करीब दो वर्ष पूर्व भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान से स्वीकृत ‘मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई’ की योजना सीएचसी परिसर से अनगड़ा डाक बंगला के समीप स्थानांतरित कर दी गयी। वर्तमान में उक्त भूखंड का बाजार मूल्य 15 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

सीएचसी प्रभारी डॉ शशिप्रभा ने बताया कि उन्हें भूखंड के पुराने दस्तावेजों की जानकारी नहीं थी। हाल ही में अनगड़ा सीओ से जमीन को चिह्नित और सत्यापित करने का आग्रह किया गया, जिसके बाद अमीन ने स्थल की मापी कर रिपोर्ट तैयार की है। उनके अनुसार, भूमि दाता के वंशज परिसर में बाबू महेश चौधरी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं और सीएचसी परिसर में बनने वाले पार्क में प्रतिमा लगाने की बात कही गयी है।भूमिदाता के वंशज नीलकंठ चौधरी के अनुसार, उनके दादाजी ने स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए जमीन दी थी, लेकिन अब तक वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई और जमीन का लगान आज भी परिवार ही दे रहा है। वंशजों का कहना है कि उन्हें जमीन का मूल्य या किराया भी नहीं मिला है। बताया जाता है कि करीब 15 वर्ष पूर्व सीएचसी परिसर में मॉडल भवन का निर्माण शुरू होने पर बाबू महेश चौधरी के वंशजों ने इस शर्त पर जमीन के उपयोग की अनुमति दी थी कि सरकार जमीन का नामांतरण करायेगी और परिसर में बाबू महेश चौधरी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जायेगी। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

About The Author

You may have missed