23 दिनों से सड़कों पर अभ्यर्थी, बाबूलाल मरांडी बोले- सरकार जिद छोड़े और तुरंत करे बातचीत






रांची : JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ तुरंत बातचीत करने और उनकी मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने रुख पर अड़े रहने के बजाय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। अभ्यर्थी पिछले 23 दिनों से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की घोषणा कर चुके हैं।


आंदोलन में शामिल भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि छात्र पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण और संयमित तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाधान नहीं मिलने के कारण छात्रों को आंदोलन तेज करने की घोषणा करनी पड़ी। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र प्रेम नायक ने भी कहा कि सरकार की ओर से अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने और बुखार होने की बात कही, लेकिन इलाज के लिए जाने से इनकार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास घेराव के साथ ‘जेल भरो आंदोलन’ और स्कूल-कॉलेज बंद कराने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा होने की बात कही।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि स्वतंत्रता दिवस पर रांची में निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने उन्हें रोका और छात्रों के साथ मारपीट की। आंदोलनकारी अब 20 अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।


