बिहार सरकार ने जेपी सेनानी पेंशन दोगुनी की, बीएलओ और सुपरवाइजर्स का मानदेय भी बढ़ा


पटना। स्वतंत्रता सेनानियों की तर्ज पर आपातकाल (1975-77) के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी सेनानियों के सम्मान और कल्याण के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब तक जेपी सेनानी योजना के तहत मिलने वाली पेंशन राशि को दोगुना कर दिया गया है। यह योजना उन राजनीतिक बंदियों के लिए है, जिन्हें आपातकाल के दौरान जेल में बंद किया गया था या जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पेंशन वृद्धि के बाद राज्य भर के हजारों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय जेपी सेनानियों के संघर्ष, त्याग और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सम्मानित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
बैठक में सिर्फ पेंशन ही नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और सुपरवाइजर्स के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। ये कर्मचारी मतदाता सूची के संकलन, सत्यापन और अद्यतन कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मानदेय वृद्धि से उनके मनोबल को बढ़ावा मिलेगा और वे अपने दायित्व को और अधिक जिम्मेदारी से निभा सकेंगे।
जानकारों के मुताबिक, राज्य सरकार का यह कदम दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगा — एक तरफ यह लोकतंत्र रक्षकों को सम्मान देगा, तो दूसरी तरफ निर्वाचन प्रक्रिया में कार्यरत कर्मचारियों को प्रोत्साहन प्रदान करेगा।




