RTI से बड़ा खुलासा: मोदी सरकार ने 6 साल में विज्ञापनों पर बहाए 2586 करोड़, TMC ने बोला हमला



नई दिल्ली : एक आरटीआई रिपोर्ट ने केंद्र सरकार को घेरने का मौका दे दिया है। तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले के आरटीआई आवेदन पर केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) ने खुलासा किया कि वर्ष 2020 से 2026 के बीच सरकारी विज्ञापनों पर कुल करीब 2,586 करोड़ रुपए खर्च किए गए। टीएमसी ने इसे टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग बताते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

आंकड़ों के मुताबिक प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों पर करीब 796 करोड़, टेलीविजन और रेडियो पर करीब 936 करोड़ और डिजिटल व सोशल मीडिया पर खर्च 6 साल में लगभग 10 गुना बढ़ गया। टीएमसी का आरोप है कि यह पैसा एक व्यक्ति की छवि चमकाने में लगाया गया और चुनावी वर्षों के आसपास इसमें सबसे बड़ा उछाल देखा गया।
टीएमसी सांसद ने यह भी आपत्ति जताई कि सरकार ने उन विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया घरानों के नाम उजागर करने से इनकार कर दिया जिन्हें यह भारी फंड दिया गया। सरकार ने इसके पीछे व्यावसायिक गोपनीयता का हवाला दिया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि एक तरफ आम जनता महंगाई से परेशान है और दूसरी तरफ सरकार अपनी ब्रांडिंग पर अरबों रुपए खर्च करके भी पारदर्शिता से बच रही है।


