एसआईआर में बड़ा खुलासा, 6,722 बूथों पर एक भी फॉर्म-6 नहीं; फर्जी वंशावली पर होगी कार्रवाई

रांची : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद नये और युवा पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने में तेजी लाने का निर्देश दिया है. बूथवार फॉर्म-6 की समीक्षा में राज्य के 6,722 मतदान केंद्र ऐसे मिले, जहां अब तक एक भी फॉर्म-6 नहीं आया है. रांची में 1,209 बूथों पर कोई आवेदन नहीं मिला, जबकि पलामू में 592, हजारीबाग में 572, गिरिडीह में 416 और धनबाद में 392 बूथों पर भी शून्य आवेदन हैं. एक से पांच फॉर्म-6 वाले बूथों की संख्या धनबाद में 1,243, गिरिडीह में 1,072, रांची में 981, पलामू में 936 और हजारीबाग में 814 है. सीइओ ने बूथवार समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे. एसआइआर के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुई थी और फॉर्म-6 व घोषणा-पत्र के जरिये ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं. 1 अक्तूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या करनेवाले पात्र भारतीय नागरिकों का पंजीकरण किया जाना है. आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है.


के रविकुमार ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2024 के बाद करीब दो वर्ष बीत चुके हैं और मतदाताओं की संख्या में लगभग चार प्रतिशत सालाना वृद्धि को देखते हुए हर बूथ पर औसतन 60 फॉर्म-6 आने का अनुमान है. उन्होंने बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान नये और युवा पात्र नागरिकों की पहचान करने तथा स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया. साथ ही फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र के डिजिटाइजेशन व निष्पादन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा. दूसरी ओर, एसआइआर में दूसरे व्यक्ति के खतियान से बनायी गयी फर्जी वंशावली या प्रमाण पत्र के आधार पर नाम जुड़वाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. के रविकुमार ने कहा कि किसी गैर-पारिवारिक व्यक्ति को दूसरे की वंशावली या खतियान में वंशज के रूप में शामिल करना दंडनीय अपराध है. विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का प्रयास भी अपराध है.


