युवा आजसू अधिवेशन में सुदेश महतो का बड़ा संदेश, बोले- संघर्ष से बनता है नेतृत्व, विरासत से नहीं

जमशेदपुर : युवा आजसू के दो दिवसीय राज्य स्तरीय अधिवेशन का पहला दिन शुक्रवार को सिदगोड़ा स्थित टाउन हॉल में संपन्न हुआ। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे युवा प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत करने और झारखंड के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मौजूद रहे। उनके साथ मांडू विधायक निर्मल महतो, पूर्व मंत्री एवं केंद्रीय प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस और गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो समेत कई नेता उपस्थित रहे।

युवाओं को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने की बड़ी जिम्मेदारी युवा पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व किसी विरासत से नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और समाज के बीच काम करने से तैयार होता है। उन्होंने युवाओं से केवल कार्यकर्ता बनकर नहीं रहने, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक नेतृत्व में मजबूत भागीदारी निभाने का आह्वान किया। अधिवेशन में युवा सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता, राजनीतिक भागीदारी, स्वरोजगार, संगठन विस्तार और सामाजिक नेतृत्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई तथा कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
कार्यक्रम में केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो, प्रो. रविकंकर मौर्य, संजय महतो, युवा आजसू के प्रदेश संयोजक टिकेत महतो, अब्दुल जब्बार, पीयूष चौधरी, रविंद्र ठाकुर, उज्जवल महतो, मंटू शुक्ला, राधिका साहू सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। केंद्रीय सचिव हरीश कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। अधिवेशन में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।


