वन मंजूरी के पेच में फिर फंसा एयरपोर्ट, 19 सवालों के जवाब का इंतजार

Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर : धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना वन भूमि की मंजूरी के कारण एक बार फिर अटक गई है। केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन से जुड़े 19 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। इनमें पर्यावरण पर प्रभाव, प्रतिपूरक वनरोपण, भूमि उपयोग और अन्य तकनीकी विषय शामिल हैं। जरूरी जानकारी पूरी नहीं होने के कारण अंतिम वन स्वीकृति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सरकारी वन मंजूरी पोर्टल पर भी धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का प्रस्ताव फिलहाल नोडल अधिकारी के स्तर पर लंबित दिख रहा है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2019 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच समझौता हुआ था। केंद्रीय मंत्रालय ने 29 अगस्त 2024 को 19 बिंदुओं पर जवाब मांगा था। इसके बाद संबंधित एजेंसी से जानकारी लेने के लिए पत्र और स्मरण पत्र भेजे गए, लेकिन आवश्यक जवाब समय पर उपलब्ध नहीं होने से मामला लंबित रहा। परियोजना के लिए करीब 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार पुराने रनवे का हिस्सा भी प्रस्तावित वन भूमि के भीतर मौजूद है.

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना को हाल के महीनों में दोबारा गति देने की कोशिश हुई है और AAI की ओर से पर्यावरण संबंधी आपत्तियों के समाधान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। हालांकि निर्माण शुरू होने से पहले वन भूमि की आवश्यक मंजूरी मिलना जरूरी है। अंतिम स्वीकृति के बाद ही एयरपोर्ट परियोजना अगले चरण में प्रवेश कर सकेगी.

About The Author

You may have missed