भारतीय जनता पार्टी के बरिष्ठ नेता एवं नागरिक सुविधा मंच के संरक्षक अभय सिंह ने फूड इंस्पेक्टर एवं उनकी टीम द्वारा बिभिन्न प्रतिष्ठानो जिसमे मिठाई दुकानो मे जाकर मिलावटी की जाँच की जा रही है इस पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुये कहा की यह जाँच केवल दुर्गापूजा या दीपावली के समय ही क्यों की जाती है ?

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जमशेदपुर (संवाददाता ):-भारतीय जनता पार्टी के बरिष्ठ नेता एवं नागरिक सुविधा मंच के संरक्षक अभय सिंह ने फूड इंस्पेक्टर एवं उनकी टीम द्वारा बिभिन्न प्रतिष्ठानो जिसमे मिठाई दुकानो मे जाकर मिलावटी की जाँच की जा रही है इस पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुये कहा की यह जाँच केवल दुर्गापूजा या दीपावली के समय ही क्यों की जाती है ?बाकी के बचे हुए सारे वर्ष के दिनो मे क्या विभाग के द्वारा ईमानदारी के सर्टिफिकेट प्रदान कर दी जाती है ?क्या ज्योतिष विद्या के द्वारा यह प्राप्त रहता है कि बाकी के महीने में इन दुकानों में मिलावटी नहीं होती ?विगत वर्ष में भी इसी प्रकार जमशेदपुर के फूड इंस्पेक्टर एवं उनकी टीमों के द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित मिठाई ,प्रतिष्ठानों में फूड इंस्पेक्टर के द्वारा दुकानो मे जाकर फूड की जांच की गई थी लेकिन आज तक उन पर क्या कार्रवाई हुई?यह विभाग के द्वारा नहीं बताया गया जो दुर्भाग्य है ?आखिर सवाल यह उठता है की फूड इंस्पेक्टर एवं उनकी टीम साल भर में और दिनों में इन प्रतिष्ठानों में जांच क्यों नहीं की जाती ?यह जो जांच दुर्गा पूजा या दीपावली में की जा रही है यह संदेह से परे है ? जानबूझकर मिठाई के प्रतिष्ठानों में छापा मारकर इनके कारोबार को बदनाम करने की एक रणनीति के तहत , फूड विभाग में कार्यरत सरकारी पदाधिकारी काम कर रहे हैं ?नागरिक सुविधा मंच ऐसे कार्य करने की निंदा करता है आप के विभाग द्वारा हमेशा इसकी जांच क्यों नहीं की जाती?विगत दिनों था धालभुमगढ के एक व्यवसाय जो मिलावटी तेल के मामले में पकड़ने के बाद जिनके नामो को अखबारों में बड़े-बड़े समाचार निकलने के बावजूद आपके विभाग के द्वारा क्या करवाई हुई? यह आम जनों को अभी तक आपके विभाग के द्वारा इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की गई ?विगत वर्ष भी दीपावली एवं दुर्गा पूजा में मिठाई की जांच के सैंपल लिए गए लेकिन दुर्भाग्य है पिछले वर्ष दीपावली के एक महीने बीत जाने के बाद जांच की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी ।

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क्या यह जानबूझकर भयादोहन का मामला नहीं बनता है
क्यों नहीं विभाग मात्र 2 घंटे के अंदर जांच कर सत्यता की पुष्टि करता है ?

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क्या विभाग के पास में जांच करने की मशीन नहीं है ?
क्या विभाग के पास में अभी भी आधुनिक जांच करने की मशीन नहीं है ?
क्या विभाग के पास में जांच करने के व्यक्ति उपलब्ध नहीं है ? अगर यह सारी चीजे उपलब्ध है तो अबिलम्ब 2 घन्टे के अंदर रिजल्ट कर पुष्टि करे।
कोरोना काल में आज दुकानों की स्थिति बहुत दयनीय है और जिस प्रकार सरकारी पदाधिकारी आज जांच के नाम पर पहुंच रहे हैं यह बिल्कुल ही असहनीय है जिसका नागरिक सुविधा मंच विरोध करेगा . अगर कोई व्यक्ति दोषी है मिलावटी के नाम पर वह जहर परोस रहा है तो उसे जेल के सलाखों के पीछे भेजना आपका कर्तव्य है .नागरिक सुविधा मंच इसका स्वागत करता है परंतु जांच के नाम पर 1 महीने के बाद में सत्य या असत्य की पुष्टि करना भी यदि बिभागी बेईमानी है जिसे स्वीकार या बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।माननीय उपायुक्त जमशेदपुर से आगृह है की इस टीम में उपायुक्त उड़न दस्ते की एक सहयोगी व्यक्ति भी दे और वह अखबार में ब्रीफिंग भी करें और 2 घंटे के अंदर सच्चाई की जांच कर आम जनता को प्रकाशित भी करें

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