दलमा सेंगड़ा पर्व पर आदिवासी परंपरा की झलक, जंगल में शिकार अनुष्ठान को लेकर सख्ती

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements
Advertisements

जमशेदपुर : दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी क्षेत्र में पारंपरिक सेंगड़ा (सेंदरा) पर्व के दौरान आदिवासी परंपरागत शिकार अनुष्ठान की तैयारी को लेकर विशेष माहौल देखने को मिलता है। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत आदिवासी समुदाय जंगल में शिकार की परंपरा निभाते हैं, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता प्राप्त है।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements
Advertisements

हालांकि वन्यजीव संरक्षण को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी रखी जाती है। कई क्षेत्रों में आधुनिक हथियारों और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है, जबकि पारंपरिक अनुष्ठान सीमित दायरे में ही करने की अनुमति होती है। इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात रहते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पर्व उनकी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है, वहीं प्रशासन का ध्यान वन्यजीवों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर रहता है। इसी वजह से हर साल इस दौरान सख्ती और सतर्कता बढ़ा दी जाती है।

About The Author

See also  आरएसबी ग्लोबल ने गम्हरिया यूनिट IV में विशाल रक्तदान शिविर लगाकर चेयरमैन डॉ. आर. के. बेहेरा का जन्मदिन मनाया

Thanks for your Feedback!

You may have missed