दलमा सेंगड़ा पर्व पर आदिवासी परंपरा की झलक, जंगल में शिकार अनुष्ठान को लेकर सख्ती

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जमशेदपुर : दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी क्षेत्र में पारंपरिक सेंगड़ा (सेंदरा) पर्व के दौरान आदिवासी परंपरागत शिकार अनुष्ठान की तैयारी को लेकर विशेष माहौल देखने को मिलता है। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत आदिवासी समुदाय जंगल में शिकार की परंपरा निभाते हैं, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता प्राप्त है।

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हालांकि वन्यजीव संरक्षण को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी रखी जाती है। कई क्षेत्रों में आधुनिक हथियारों और प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है, जबकि पारंपरिक अनुष्ठान सीमित दायरे में ही करने की अनुमति होती है। इस दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात रहते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पर्व उनकी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है, वहीं प्रशासन का ध्यान वन्यजीवों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर रहता है। इसी वजह से हर साल इस दौरान सख्ती और सतर्कता बढ़ा दी जाती है।

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