दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं, पीवी सिंधु

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टोक्यो ओलिंपिक (जापान):  भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भले ही गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई हैं लेकिन ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल हो गई हैं. सिंधु ने दोनों सेटों में चीन की शटलर हे बिंगजिआओ को 21-13 और दूसरा सेट 21-15 से जीतकर इतिहास रच दिया है. रियो ओलंपिक में भी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता था. सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में पदक जीकर ऐतिहासिक कमाल भी कर दिखाया है. सिंधु  भारत की इकलौती ऐसी महिला खिलाड़ी बन गए हैं जिनके नाम अब ओलंपिक में  दो व्यक्तिगत मेडल जीतने का अनोखा कमाल दर्ज है. रियो ओलंपिक में भी सिँधु ने कमाल का परफॉर्मेंस दिखाया था. सिंधु के पदक जीतने के साथ ही भारत को अब ओलंपिक में दो मेडल आ गए हैं. सिंधु के कांस्य पदक से भारत के टोक्यो ओलंपिक में पदकों की संख्या दो हो गयी है. भारत अभी पदक तालिका में संयुक्त 59वें स्थान पर है.

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सिंधु ने कांस्य पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैं काफी खुश हूं क्योंकि मैंने इतने वर्षों तक कड़ी मेहनत की है. मेरे अंदर भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा था- मुझे खुश होना चाहिए कि मैंने कांस्य पदक जीता या दुखी होना चाहिए कि मैंने फाइनल में खेलने का मौका गंवा दिया.’’ उन्होंने कहा,‘‘मैं सातवें आसमान पर हूं. मैं इस लम्हें का पूरा लुत्फ उठाऊंगी. मेरे परिवार ने मेरे लिए कड़ी मेहनत की है और काफी प्रयास किए जिसके लिए मैं उनकी आभारी हूं.’’ बिंग जियाओ के खिलाफ 16 मैचों में यह सिंधु की सातवीं जीत है जबकि उन्हें नौ मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी. इस मुकाबले से पहले सिंधू ने बिंग जियाओ के खिलाफ पिछले पांच में से चार मुकाबले गंवाए थे. सिंधु को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी.

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