सिदगोड़ा में कथित रंगदारी मामले ने लिया नया मोड़, अवैध लॉटरी विवाद और पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

जमशेदपुर: सिदगोड़ा में एसएसपी के नाम पर कथित रंगदारी वसूली के मामले में नए दावे सामने आए हैं। लोक आलोक की पड़ताल के अनुसार, जिस युवक को शुरुआत में एसएसपी के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले से जोड़ा जा रहा था, उसके बारे में अब एक अलग घटनाक्रम की जानकारी सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि युवक कथित अवैध लॉटरी के अड्डे पर खेलने पहुंचा था। लॉटरी में हारने के बाद उसने वहां वीडियो बनाना शुरू किया, जिससे कथित संचालक नाराज हो गए। आरोप है कि इसके बाद युवक के साथ मारपीट की गई और दबाव बनाकर उससे वीडियो बनवाया गया।


नाम नहीं छापने की शर्त पर एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि युवक लॉटरी खेलने पहुंचा था और हारने के बाद घटनास्थल का वीडियो बनाने लगा था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, इसी बात पर वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ मारपीट की और डराने-धमकाने के बाद उससे वीडियो बनवाया। हालांकि, युवक ने किन परिस्थितियों में वीडियो बनाया और उसके बाद वास्तव में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में सिदगोड़ा पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी फैज अहमद ने युवक को कथित तौर पर करीब चार दिनों तक थाने में बैठाकर रखा था। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया, लेकिन एक दिन बाद पुलिस ने उसे फिर उसके घर से उठा लिया। इस घटनाक्रम को लेकर सवाल है कि युवक को पहले किस कानूनी आधार पर थाने में रखा गया था और दोबारा हिरासत में लेने के पीछे क्या आधार था। क्या इस दौरान कोई नई प्राथमिकी दर्ज हुई या नई कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस पूरे मामले में कथित अवैध लॉटरी कारोबार के संचालकों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि घटनास्थल पर अवैध लॉटरी का संचालन हो रहा था, तो संबंधित लोगों की पहचान, साक्ष्य संकलन और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद के बावजूद सिदगोड़ा क्षेत्र में कथित अवैध लॉटरी का कारोबार जारी है।
वहीं, एसएसपी का नाम लेकर कथित रंगदारी मांगने की चर्चा पर भी पुलिस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। यह जांच का विषय है कि मामला वास्तव में रंगदारी मांगने से जुड़ा है या लॉटरी खेलने, वीडियो बनाने और उसके बाद हुए विवाद से इसका संबंध है। दोनों पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
इस संबंध में सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अहमद से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल युवक के साथ कथित मारपीट, उसे दोबारा हिरासत में लेने के आधार और अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जैसे सवालों पर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।


