35 आरोपों पर KPS कदमा का पलटवार, स्कूल प्रबंधन ने जारी किया विस्तृत जवाब, कहा- लगाए गए आरोप निराधार

जमशेदपुर : केरला पब्लिक स्कूल, कदमा को लेकर लोक आलोक न्यूज में 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित 35 बिंदुओं वाली खबर के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपना विस्तृत पक्ष सामने रखा है। स्कूल प्रबंधन की ओर से 29 सितंबर 2026 को लोक आलोक न्यूज के संपादक अभिषेक मिश्रा के नाम पत्र भेजकर प्रकाशित खबर में उठाए गए विभिन्न आरोपों का बिंदुवार खंडन किया गया है। स्कूल प्रबंधन ने पत्र में कहा है कि खबर में लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और विद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।

केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट के Executive Officer (Coordination & Institutional Relations) जे.पी. दुबे द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि प्रकाशित खबर में उठाए गए मुद्दों पर विद्यालय का पक्ष भी पाठकों के सामने आना जरूरी है। प्रबंधन ने विद्यालय की स्थापना, शैक्षणिक व्यवस्था, शुल्क नीति, विद्यार्थियों की सुविधाओं और भवन से जुड़े आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण दिया है।
शुल्क नहीं देने पर बच्चों को कक्षा से बाहर खड़ा करने के आरोप पर स्कूल का जवाब
प्रबंधन ने उस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है जिसमें शुल्क जमा नहीं करने पर छोटे बच्चों को कक्षा अथवा कक्षा के बाहर घंटों खड़ा रखने की बात कही गई थी। स्कूल के अनुसार शुल्क से संबंधित किसी समस्या की स्थिति में अभिभावकों को संचार माध्यम से सूचना दी जाती है और संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर समस्या का समाधान किया जाता है। पत्र में दावा किया गया है कि लगभग 144 ऐसे छात्र हैं जिन्होंने शुल्क जमा नहीं किया था, लेकिन उन्हें परीक्षा से वंचित नहीं किया गया। विद्यालय ने यह भी बताया कि जिन विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है अथवा जिन्हें गंभीर चिकित्सकीय समस्या है, उन्हें रियायत दी जाती है। प्रबंधन के अनुसार लगभग 37 विद्यार्थियों को ऐसी रियायत दी गई है।
दिव्यांग विद्यार्थियों से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक का दिया ब्यौरा
स्कूल प्रबंधन ने दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं को लेकर बताया कि विद्यालय में रैंप/लिफ्ट और अलग शौचालय की व्यवस्था है तथा विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विद्यालय ने दावा किया है कि परिसर में 60 से अधिक fire extinguisher लगाए गए हैं और पूरे विद्यालय में 60 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। कक्षाओं को सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए जाने तथा प्रयोगशालाओं को ICSE के मानक के अनुसार तैयार किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।
16 हजार पुस्तकों वाले दो पुस्तकालय, 80 कंप्यूटर और स्थायी नर्स का दावा
स्कूल प्रबंधन ने विद्यालय में दो पुस्तकालय होने की जानकारी देते हुए इनमें लगभग 16 हजार पुस्तकें उपलब्ध होने का दावा किया है। पेयजल की आपूर्ति जुस्को के माध्यम से होने तथा अन्य कार्यों के लिए बोरिंग की व्यवस्था होने की बात कही गई है। शिक्षकों की योग्यता के संबंध में विद्यालय ने कहा है कि ICSE से स्थायी मान्यता प्राप्त विद्यालय के सभी शिक्षक उच्च योग्यताधारी हैं। पत्र में छात्र-शिक्षक अनुपात 22:1 बताया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए 80 कंप्यूटर, प्राथमिक चिकित्सा के लिए स्थायी नर्स, नियमित काउंसलर, खेलकूद की सुविधा और पार्किंग व्यवस्था होने का भी उल्लेख किया गया है।
भूमि और भवन से जुड़े आरोपों पर भी प्रबंधन ने दिया जवाब
शिकायत में विद्यालय की जमीन और भवन को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रबंधन ने कहा है कि विद्यालय की भूमि का आवंटन विधिवत जु्स्को द्वारा किया गया है और भवन मानक के अनुरूप बनाया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि विद्यालय को राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त है तथा भवन की चारदीवारी और आसपास की दूरी निर्धारित मानकों के अनुरूप है। विद्यालय प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि यहां कभी री-एडमिशन शुल्क नहीं लिया जाता। अभिभावकों को किताब और कॉपी किसी विशेष स्थान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाता है।
कर्मचारियों के वेतन और स्वास्थ्य बीमा का भी उल्लेख
पत्र में स्कूल के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा से संबंधित व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। प्रबंधन का दावा है कि कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन-भत्ते दिए जाते हैं तथा सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा कराया गया है।
अपने पत्र के निष्कर्ष में केरला पब्लिक स्कूल, कदमा प्रबंधन ने प्रकाशित खबर में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उनका पूरी तरह खंडन किया है।


