JPSC पेपर लीक मामले में SIT की कार्रवाई, दो सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार

हजारीबाग : जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में सीआईडी की एसआईटी ने पीटी में सफल अभ्यर्थी दिलीप राणा और ओमप्रकाश राणा को शनिवार को गिरफ्तार किया। दोनों सगे भाई बताए गये हैं और उनकी गिरफ्तारी सीआईडी केस संख्या 16/2026 में हुई है। सीआईडी के अनुसार, जांच में साक्ष्य मिले हैं कि दोनों ने अभय तिवारी के लिए एजेंट का काम करने वाले बुद्धेश्वर भगत के जरिये परीक्षा में कथित सेटिंग की थी और ओएमआर शीट में हेरफेर कर 14वीं जेपीएससी पीटी में सफलता हासिल की थी। बुद्धेश्वर भगत ने गिरफ्तारी के बाद 11 अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी दी थी। आरोप है कि उसने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के एवज में अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये यानी कुल एक करोड़ 10 लाख रुपये लिये थे।

मामले में कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओमप्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, राकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा और उमांकांत उरांव के नाम सामने आये थे। रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है और सीआईडी उनका बयान भी ले चुकी है। वहीं, सीजीएल पेपर लीक केस में पूर्व में गिरफ्तार एजेंट दिलीप पासवान को सीआईडी ने तीन दिनों की रिमांड पर लिया है। उसे 14 सितंबर को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को सीआईडी ने 20 सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की। जांच में दावा किया गया है कि दिलीप ने सीजीएल परीक्षा से पहले आसनसोल के एक होटल में अभ्यर्थियों को ठहराकर प्रश्नोत्तर रटवाये थे।
इसी बीच जेपीएससी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांग्ते ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्हें सीआईडी ने तीन दिनों की पूछताछ के बाद 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।


