टाटा मोटर्स में बोनस समझौता अंतिम चरण में, 25 से 27 सितंबर के बीच लग सकती है मुहर

जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में बोनस वार्ता अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच चल रही बातचीत के बीच संकेत मिले हैं कि 25 से 27 सितंबर के बीच बोनस समझौते पर आधिकारिक मुहर लग सकती है। दुर्गा पूजा से पहले समझौते की उम्मीद के बीच कर्मचारियों की निगाहें यूनियन नेतृत्व, खासकर महामंत्री आरके सिंह पर टिकी हैं।


इस बार बोनस वार्ता में स्थायीकरण का मुद्दा नहीं है, क्योंकि कंपनी में अब एक भी ‘बाई-सिक्स’ यानी अस्थायी कर्मचारी शेष नहीं है। ऐसे में यूनियन का पूरा फोकस कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस राशि को अधिकतम कराने पर है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी के स्थायी कर्मचारियों को 12.3 प्रतिशत बोनस मिला था। इसके आधार पर औसत बोनस 50,160 रुपये और अधिकतम बोनस 75,223 रुपये था। वहीं, लगभग 1200 बाई-सिक्स कर्मचारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस मिला था। सुपरएनुएशन के दायरे में आए करीब 225 कर्मचारियों को 15,085 रुपये की दर से अनुदान राशि दी गई थी।
टाटा मोटर्स के साथ जमशेदपुर औद्योगिक क्षेत्र की दूसरी कंपनियों में भी बोनस को लेकर गतिविधियां तेज हैं। कर्मचारियों की ओर से यूनियन नेताओं पर बोनस समझौते को लेकर दबाव देखा जा रहा है। टाटा मोटर्स के अलावा टाटा कमिंस, टिमकेन और टीएसडीपीएल में भी बोनस समझौते का इंतजार है। वहीं, शहर की कई बड़ी कंपनियों में बोनस समझौता होने के साथ भुगतान भी किया जा चुका है।


