पान तांती समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग, मंत्री चमरा लिंडा ने दिया सकारात्मक आश्वासन
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जमशेदपुर : झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता महाबीर मुर्मू के नेतृत्व में कोल्हान प्रमंडल पान तांती समाज कल्याण समिति के प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित कल्याण कमिश्नर कार्यालय, मोरहाबादी में झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा को मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कोल्हान प्रमंडल में निवास करने वाले पान जाति के जिन लोगों के भू-अभिलेख के जाति कॉलम में पान का पर्याय तांती दर्ज है, उन्हें अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। मांग के समर्थन में दस्तावेज भी सौंपे गए। मंत्री ने डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान के निदेशक एसएस कच्छप को पान तांती समाज से जुड़े शोध प्रतिवेदन और अन्य दस्तावेजों का अध्ययन कर सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा, ताकि कोल्हान प्रमंडल के पान तांती समाज के लोगों को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र मिल सके।


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूर्व में भी इस विषय पर अध्ययन हुआ था और उनके अनुसार पान तांती को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। समाज का कहना है कि झारखंड में पान, तांती और स्वांसी एक ही समुदाय हैं, लेकिन 1950 के भू-अभिलेख में पान-स्वांसी दर्ज लोगों को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया, जबकि जिनके भू-अभिलेख में तांती दर्ज है उन्हें ओबीसी में शामिल किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से समाज को अलग-अलग श्रेणियों में नहीं रखकर एक ही अनुसूचित जाति श्रेणी में शामिल करने की मांग की।
इस अवसर पर समाज के महासचिव हरिंदर भंग, सुरेश पात्रो, उमाकांत दास, मनोज तांती, बनारस दास, जगदीश दास, दिनेश कुमार हेंब्रम और लक्ष्मण पात्रो समेत अन्य लोग उपस्थित थे।


