जलवायु संकट से निपटने की तैयारी तेज, अस्पतालों को मिल रही ग्रीन रेटिंग



जमशेदपुर : जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को अब ग्रीन और क्लाइमेट रेजिलिएंट हेल्थ फैसिलिटी के मानकों पर तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था में अस्पतालों का मूल्यांकन ऊर्जा की बचत, सौर ऊर्जा के इस्तेमाल, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन और ऐसे बुनियादी ढांचे के आधार पर किया जाता है, जो अत्यधिक गर्मी, भारी बारिश, बाढ़ और अन्य जलवायु संबंधी परिस्थितियों के दौरान भी स्वास्थ्य सेवाएं जारी रख सके। राष्ट्रीय स्तर पर इस पहल को जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।


ग्रीन रेटिंग का उद्देश्य केवल अस्पतालों को पर्यावरण अनुकूल बनाना नहीं, बल्कि आपदा या मौसम की गंभीर परिस्थितियों में भी मरीजों को लगातार और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराना है। इसके लिए एलईडी लाइटिंग, सोलर पैनल, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, सुरक्षित कचरा निपटान और जलवायु के अनुकूल भवन संरचना जैसे मानकों पर जोर दिया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों की बिजली और संसाधनों पर निर्भरता कम करने के साथ उनकी आपदा-रोधी क्षमता भी मजबूत की जा सकेगी।


