नदी किनारे अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, विरोध के बीच 3 पक्के मकान ध्वस्त






जमशेदपुर : मानगो में सुवर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत शुक्रवार को वार्ड आठ के ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित चाणक्यपुरी के नीचे बने तीन पक्के मकानों को जेसीबी से तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और महिलाओं ने मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाई और विरोध भी किया। लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के समय प्रशासन और पुलिस ने उन्हें नहीं रोका, जबकि मानगो नगर निगम उनसे होल्डिंग टैक्स वसूलता है और क्षेत्र में पानी-बिजली की सुविधा भी दी गई है। भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान जारी रहा।


मानगो के अंचलाधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव के अनुसार संबंधित मकानों को पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने के कारण प्रशासन ने कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि नदी किनारे किए गए ये निर्माण पर्यावरण और नदी के प्रवाह के लिए खतरा हैं तथा मामले में एनजीटी का भी आदेश है। जिन लोगों के अतिक्रमण हटाए गए, उनमें रमेश यादव उर्फ रमेश सिंह और भालु यादव समेत अन्य शामिल हैं।
कार्रवाई में मकानों के बाहरी हिस्से ध्वस्त किए गए, जबकि कुछ ढांचे अभी भी बचे हैं। लोगों के आग्रह पर प्रशासन ने शेष हिस्सा स्वयं हटाने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भुइयांडीह में 145 घरों को लेकर जमशेदपुर अक्षेस की ओर से नोटिस जारी किए जा चुके हैं और वहां संभावित कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।


